*कश्मीर फाइल्स में जेएनयू के कुछ पोस्टर दिखाए जाते है और यदि आपने ध्यान से देखा हो तो उन पर इस राक्षस की फोटो जरूर देखी होगी।* ये है आधुनिक आतंकवाद का जनक व्लादिमीर लेनिन, जिसे करीब 20% दुनिया आतंकवादी ना मानकर क्रांतिकारी मानती है। इसमें दुख की बात यह है कि जब भगतसिंह को फांसी के लिये ले जाया जा रहा था तब वे लेनिन की ही जीवनी पढ़ रहे थे। लेकिन वास्तव में लेनिन एक नीच और घटिया आदमी था यदि यह व्यक्ति ना होता तो शायद आज भारत मे आतंकवाद और खासकर की नक्सलवाद ही ना होता। लेनिन की वजह से जो आतंकवाद फैला उसे रेड टेरर कहते है और इन आतंकवादियों को कम्युनिस्ट। इसे समझने के लिये आपको 1881 के रूस में जाना पड़ेगा जब सम्राट अलेक्जेंडर द्वितीय की हत्या की गई, 1889 में अगले सम्राट अलेक्जेंडर तृतीय की हत्या का प्रयास हुआ। 1894 में उनके बेटे निकोलस द्वितीय रूस के सम्राट बने। ये वो दौर था जब रूस में औद्योगिक क्रांति अपने उफान पर थी, रूस के राजाओ ने रूस को विकसित कर लिया और ढेरों उद्योग जन्मे। लेकिन इसी में मार्क्सवादी विचार भी पिक्चर में आये जो कहने लगे कि अमीरों का कुछ नही है सब गरीबो का है गरी...